
1. ITR Filing FY 2024-25 करने की तिथि — विस्तारित
- वित्त वर्ष 2024-25 (Assessment Year 2025-26) के लिए आयकर रिटर्न (ITR) दाखिल करने की मूल समय सीमा 31 जुलाई 2025 थी।
- केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने यह समय सीमा बढ़ाकर 15 सितंबर 2025 कर दी है — जिसमें लगभग डेढ़ महीने की अतिरिक्त राहत दी गई है।
2. विस्तार का कारण
यह विस्तार मुख्यतः ITR फॉर्म्स में संरचनात्मक परिवर्तन, नए Excel utilities की तैयारी और तकनीकी व्यवस्था को समय देने के कारण किया गया है।
3. क्या ITR Filing FY 2024-25 समय सीमा आगे बढ़ाई जाएगी?
- फिलहाल इस समय सीमा में और बढ़ोतरी के लिए कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।
- हालांकि, टैक्सपेयर्स—विशेषकर टैक्स पेशेवर और CA—ने पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों (जैसे फॉर्म अपलोड में समस्या, धीमा पोर्टल) का हवाला देते हुए पुनः विस्तार की मांग की है।
4. देर से फाइलिंग पर जुर्माना (Penalty)
- धारा 234F के तहत: ₹1,000 जुर्माना तब लगेगा जब कुल आय ₹5 लाख या उससे कम हो। ₹5,000 तक जुर्माना तब लगेगा जब आय ₹5 लाख से ऊपर हो।
- साथ ही Interest under Section 234A:यदि टैक्स की आवश्यकराशि (self-assessment tax) जमा नहीं होती, तो देरी पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज लगेगा। इस विस्तार के तहत 15 सितंबर 2025 को नयी “due date” माना जाएगा—इसी तिथि तक सबमिट और टैक्स जमा करने पर ब्याज नहीं लगेगा।
- Sections 234B और 234C: यदि आपने एडवांस टैक्स की अवधि में भुगतान नहीं किया, तो उस पर 1% प्रति माह की दर से ब्याज लागू होगा। यह शर्त विस्तार से प्रभावित नहीं होती।
5. लंबित फाइलिंग (Belated and Revised Returns)
- यदि ITR 15 सितंबर तक फाइल नहीं किया, तो 31 दिसंबर 2025 तक ‘Belated Return’ फाइल की जा सकती है—लेकिन उस पर उपयोग करने योग्य कई फायदे समाप्त हो सकते हैं (जैसे कुछ नुकसान आगे नहीं ले जा सकते)।
- Revised Return (धारा 139(5) के तहत) भी फाइल की जा सकती है—इसका उपयोग तब होता है जब आपने पहले ITR दाखिल किया हो और उसमें सुधार करना हो।
6. अलग-अलग करदाताओं के लिए अंतिम तिथियाँ
| करदाता प्रकार | अंतिम तिथि |
| Individuals, HUF, AOP, BOI (non-audit cases, जैसे आमतौर पर salaried, pensioners आदि) | 15 सितंबर 2025 |
| व्यवसाय जिन्हें ऑडिट की आवश्यकता (Audited cases) | 31 अक्टूबर 2025 |
| Transfer pricing रिपोर्ट वाले व्यवसाय | 30 नवंबर 2025 |
7. टेक्निकल टूल्स और सुविधाएँ
- आयकर विभाग ने ITR-5, ITR-6 और ITR-7 जैसे फॉर्म्स के लिए Excel utilities जारी किए हैं, जिन्हें डाउनलोड करके उपयोग में आसानी लाई जा सकती है — जैसे error correction आदि में सहायता मिलती है।
- Form 26AS, जो कि आपकी TDS/TCS, self-assessment टैक्स, advance टैक्स आदि का विस्तृत विवरण देता है, उसे ITR फाइल करने से पहले देखें और सुनिश्चित करें कि कोई टैक्स क्रेडिट छूटा न हो।
8. प्रभाव और कलैक्शन डेटा
अप्रैल से अगस्त 2025 तक, भारत में डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन लगभग 4% घटकर ₹6.64 ट्रिलियन रह गया, जिसका एक कारण टैक्स कटौती और ITR फाइलिंग की समय सीमा में देरी भी है।
निष्कर्ष
- अंतिम तिथि: 15 सितंबर 2025 — अभी तक और आगे बढ़ाने की कोई आधिकारिक सूचना नहीं है।
- देर से फाइलिंग: ₹1,000–₹5,000 जुर्माना + ब्याज (यदि self-assessment tax समय पर नहीं जमा) + advance tax पर interest।
- Belated Return: 31 दिसंबर 2025 तक फाइल कर सकते हैं। Revised return भी संभव है।
- Tools की मदद: Excel utilities और Form 26AS आपके काम को आसान और सटीक बनाते हैं।