
दशहरा के पावन अवसर पर राजस्थान में ऑटोमोबाइल बाजार ने एक नया कीर्तिमान रचा है। जीएसटी दरों में हालिया कटौती के बाद ग्राहकों की ललक और उत्साह लगातार बढ़ रहा है, जिससे डीलरशिप्स में वाहनों की बुकिंग और डिलीवरी में जबरदस्त तफरी बढ़ी है।
🪔 त्योहारी हवा और खरीद की ललक
दशहरा नक्षत्र की शुभता पर गाड़ियों की डिलीवरी करने का चलन लंबे समय से माना जाता है। इस साल यह चलन और भी तेज हुआ है। राजस्थान की शहरी व ग्रामीण दोनों ही क्षेत्रों में ग्राहक नए वाहनों की मांग लेकर डीलरशिप्स की ओर बढ़े। विशेष रूप से छोटे और मिड-सैगमेंट मॉडल जिन्हें पहले ही जीएसटी कटौती की छूट मिली है, उन पर ग्राहकों की भीड़ बड़ी।
कुछ डीलरशिप्स ने बताया कि दशहरे मुहूर्त में ग्राहकों की भीड़ इस तरह बढ़ी जैसे “बाजार खुलते ही जगह-जगह वॉक-इन” हो रही हो। लेटेस्ट आंकड़ों के अनुसार, अगर नवरात्रि के पहले सात दिन देखें तो जीएसटी कटौती के बाद ऑटो बिक्री में 100–133 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
📉 GST 2.0: कैसे बदली टैक्स की तस्वीर
सरकार ने 22 सितंबर 2025 से लागू की गई GST 2.0 व्यवस्था में बहुत से उत्पादों में कर दरों में कमी की है, जिसमें ऑटोमोबाइल सेक्टर को विशेष रूप से लाभ हुआ है।
- छोटे कार मॉडल (– 4 मीटर, पेट्रोल ≤ 1200 cc, डीज़ल ≤ 1500 cc) पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया है।
- बड़ी कारों और SUVs पर जीएसटी को 40% पर रखा गया है, लेकिन पहले लागू होती अतिरिक्त सेस हटा दी गई है, जिससे कुल टैक्स बोझ में कमी आई है।
- ऑटो पार्ट्स और सप्लाई-चेन के घटक उत्पादों पर भी 18% की टैक्स दर को प्राथमिकता दी गई है, जिससे उद्योग में लागत घटने की उम्मीद है।
इन बदलावों से अधिकतर कार मॉडलों की एक्स-शोरूम कीमतों में दस हजारों से लेकर लाखों रुपये तक की छूट आई है। उदाहरण के लिए, Kia Syros को लगभग ₹1.86 लाख तक सस्ता किया गया है।
🚗 राजस्थान में असर – मांग और आपूर्ति का दबाव
राजस्थान में भी यही असर दिखाई दे रहा है। जयपुर-अलवर मार्गों पर वाहन डीलरशिप्स में ग्राहकों की कतारें बढ़ी हैं। Amar Ujala की रिपोर्ट के अनुसार जयपुर के प्रमुख ऑटो शोरूमों में डिलीवरी, टेस्ट ड्राइव और बुकिंग तीनों ही गतिविधियों में तीव्र वृद्धि हुई है।
कई डीलरशिप प्रबंधन ने यह स्वीकार किया कि उन्हें पहले इतने बड़े पैमाने पर डेले हुए ऑर्डर संभालने में परेशानी हुई। कई बार वाहन स्टॉक तुरंत उपलब्ध नहीं हो पाया।
इस उत्साह को सामान्य आंकड़ों से भी देखा जा सकता है — देशभर में महिन्द्रा ने SUV बिक्री में 10% की सालाना वृद्धि दर्ज की है।
🌱 दीर्घकालीन परिदृश्य: क्या यह असर स्थायी रहेगा?
यह उत्साह केवल त्योहारों तक सीमित न रहे, इस उम्मीद से उद्योग जगत और बाजार विश्लेषक देख रहे हैं कि इस GST सुधार का दीर्घकालीन असर क्या रहेगा।
- लागत बचत और टैक्स सादगी की वजह से मिड एवं लॉन्ग-टर्म खरीद की प्रवृत्ति मजबूत हो सकती है।
- ग्रामीण भारत में भी मांग बढ़ रही है — रिपोर्ट कहती है कि कई ऑटोमेकरों ने ग्रामीण क्षेत्रों में बिक्री 100% से 133% तक बढ़ाई है।
- हालांकि, भारत के कुछ हिस्सों में वाहनों की पंजीकरण दरों में गिरावट देखने को मिली है — जैसे पुणे में रजिस्ट्रेशन में 9% की गिरावट। यह दर्शाता है कि बिक्री हर क्षेत्र में समान रूप से नहीं बढ़ रही।
- इसके अलावा, राज्य राजस्व को मिलने वाला सेस अब हट गया है, जिससे राज्यों को राजस्व हिस्सेदारी में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।
✅ निष्कर्ष
दशहरा के पावन अवसर पर राजस्थान के ऑटोमोबाइल बाजार ने एक नई गति पकड़ी है। GST 2.0 की कटौती ने ग्राहकों की क्रय शक्ति बढ़ाई और मांग को हवा दी है। लेकिन यह कहना जल्दबाजी होगी कि यह असर हमेशा के लिए रहेगा। यदि यह उत्साह लंबे समय तक बना रहता है, तो ऑटो इंडस्ट्री, डीलरशिप्स और सप्लाई-चेन सभी को स्थिर वृद्धि प्राप्त हो सकती है।
Disclaimer: यह लेख उपलब्ध सार्वजनिक स्रोतों, समाचार रिपोर्ट्स और सरकारी घोषणाओं के आधार पर लिखा गया है। लेख में प्रस्तुत तथ्यों की समय-समय पर पुष्टि आवश्यक है। लेख का उद्देश्य सूचना देना है, कोई निवेश या व्यावसायिक सलाह नहीं। कृपया निर्णय लेने से पहले विश्वसनीय स्रोतों एवं विशेषज्ञों से प्रमाणित जानकारी अवश्य लें।
Reference: Amar Ujala