Vice President Election 2025
एक राजनीतिक प्रोफ़ाइल
चंद्रपुरम पोनुस्वामी राधाकृष्णन, जिन्हें C. P. राधाकृष्णन के नाम से जाना जाता है, तमिलनाडु के गृह होने के साथ-साथ RSS से निकले एक अनुभवशील नेता हैं। जीवनी में महाराष्ट्र और झारखंड के राज्यपाल जैसे संवैधानिक पदों का उल्लेख, दो बार कोयंबटूर के सांसद रहना, BJP तमिलनाडु अध्यक्ष और MSME मंत्रालय में कोइर बोर्ड की अध्यक्षता जैसे संवैधानिक अनुभव शामिल हैं। नामांकन NDA द्वारा किया गया था, जिसमें तमाम सहयोगी दलों का समर्थन शामिल था—इसमें AIADMK, JD(U), NCP, TDP, Shiv Sena और YSRCP जैसे गठबंधन दल शामिल थे।
चुनावी प्रक्रिया और पृष्ठभूमि
यह चुनाव एक मध्यावधि उप चुनाव था, क्योंकि पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने जुलाई में स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा दिया था। संविधान का अनुच्छेद 67 (a) के तहत इस चुनाव को जल्द आयोजित करना अनिवार्य होता है। उपराष्ट्रपति का कार्यकाल 5 वर्ष का होता है, और वह राज सभा के अध्यक्ष का दायित्व भी संभालता है, तथा अस्थायी तौर पर राष्ट्रपति का पद संभालता है। मतदान एक गुप्त वोट प्रणाली (secret ballot) के अंतर्गत हुआ, जिससे सांसद स्वतंत्र रूप से मतदान कर सकते हैं।
मतदान, हिस्सेदारी और परिणाम
- कुल 781 वोट देने वाले सांसदों में से 767 ने मतदान किया, यानी 98.2% मतदान हुआ।
- 752 मत वैध घोषित हुए और 15 अमान्य।
- राधाकृष्णन ने 452 मत प्राप्त कर जीत दर्ज की, जबकि बी. सुदर्शन रेड्डी को 300 मत ही मिले—152 मतों का अंतर, जो इस पद के लिए पिछले दो दशकों में सबसे नज़दीकी अंतर के रूप में दर्ज हुआ।
- यह परिणाम NDA के लगातार संवैधानिक पदों पर पकड़े हुए दावे को और मजबूत बनाता है।
विपक्ष में दरार और ‘क्रॉस-वोटिंग’ की चर्चा
विपक्षी पंजाब में, INDIA ब्लॉक के 315 सांसद एकजुट होने का दावा कर रहे थे, लेकिन पार्टी इस चुनाव के दौरान कुछ सांसदों का NDA के पक्ष में मतदान करना, यानी क्रॉस-वोटिंग, ध्यान खींचने वाला रहा। इससे विपक्ष की एकजुटता को झटका लगा और राजनीति में रणनीतिक कमजोरी का संकेत मिला। हालांकि विपक्षी नेता इस बात पर ज़ोर देते हैं कि उनका वोट शेयर पिछले मुकाबलों से बेहतर रहा, यह जीत का अंतर विपक्षी राजनीतिक हवा के खिलाफ ज्यादा स्पष्ट रूप से दिखा।
प्रतिक्रिया और राजनीतिक संदेश
राधाकृष्णन ने अपनी जीत को ‘राष्ट्रवाद की जीत’ बताया और कहा कि सरकार और विपक्ष लोकतंत्र के दो पहलू हैं, साथ में राष्ट्र का विकास उनका साझा उद्देश्य है।
पूर्व उप राष्ट्रपति धनखड़, प्रधानमंत्री और अन्य नेताओं ने उन्हें बधाई दी। महाराष्ट्र सहित कई राज्यों से NDA सहयोगी नेताओं ने भी उनकी जीत की सराहना की। वहीं विपक्ष ने यह चुनाव ‘विचारधारा की लड़ाई’ जारी रखने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।
सारांश: Vice President Election 2025
| क्षेत्र | सारांश |
| वोट अंतर | 452 मोदी समर्थित उम्मीदवार बनाम 300 विपक्ष—152 मत का अंतर |
| मतदान स्तर | 98.2% मतदान—उच्च लोकतांत्रिक सक्रियता का प्रतीक |
| क्रॉस-वोटिंग | विपक्षी एकजुटता में दरार, रणनीतिक कमजोरी उजागर |
| नव निर्वाचित उपराष्ट्रपति | प्रशासनिक एवं संवैधानिक अनुभव से परिपूर्ण नेता |
| राष्ट्रीय राजनीति पर असर | NDA की पॉलिसी व विचारधारा को संवैधानिक पुष्टि, विपक्षी रणनीति में सामंजस्य की चुनौती |
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