Muhurat Trading क्या है?
Muhurat Trading भारतीय शेयर बाज़ार की एक अनोखी परंपरा है। हर वर्ष दिवाली के दिन NSE और BSE एक घंटे के लिए विशेष ट्रेडिंग सत्र खोलते हैं। इसे शुभ समय में की जाने वाली शुरुआत माना जाता है। निवेशक इस दिन छोटे-छोटे निवेश कर नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत करते हैं। यह परंपरा 1957 में BSE से शुरू हुई और बाद में 1992 से NSE ने भी इसे अपनाया।
2025 में Muhurat Trading का समय
इस वर्ष 21 अक्टूबर 2025 (लक्ष्मी पूजन दिवस) को Muhurat Trading होगी।
- Pre-Open Session: 1:30 PM – 1:45 PM
- Normal Trading Session: 1:45 PM – 2:45 PM
- Closing Session: 2:55 PM – 3:05 PM
यह समय सामान्य evening session से अलग है और investors को इसे ध्यान में रखना चाहिए।
पिछले पाँच वर्षों का Muhurat Trading प्रदर्शन (Sensex Movement)
2020
Sensex लगभग +0.45% की बढ़त के साथ बंद हुआ। निवेशकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और indices ने record स्तर छुए।
2021
Sensex लगभग +0.51% बढ़ा। दिवाली सत्र में मजबूत buying देखी गई और सकारात्मक माहौल रहा।
2022
Sensex ने लगभग +0.88% की तेज़ बढ़त दर्ज की। इस वर्ष Muhurat Trading को लेकर निवेशकों में खासा उत्साह था।
2023
Sensex लगभग +0.55% चढ़ा। Samvat 2080 की शुरुआत मज़बूत रही और लगभग 355 अंक की मजबूती देखने को मिली।
2024
Sensex लगभग +0.42% बढ़ा। दिवाली के दिन फिर से मार्केट हरे निशान पर बंद हुआ।
👉 पाँचों वर्षों में बाज़ार सकारात्मक रहा, जिससे यह साबित होता है कि Muhurat Trading को निवेशक शुभ मानते हैं और उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हैं।
पिछले पाँच वर्षों का Muhurat Trading प्रदर्शन (Nifty Movement)
2020
Nifty लगभग +0.47% की बढ़त के साथ बंद हुआ। दिवाली session में midcap और largecap stocks ने अच्छा प्रदर्शन किया।
2021
Nifty ने करीब +0.50% की वृद्धि दर्ज की। पूरे session में steady buying देखने को मिली और indices नए high के करीब पहुँचे।
2022
इस साल Nifty ने लगभग +0.88% की मज़बूत बढ़त दर्ज की। festive sentiment और IT व बैंकिंग stocks ने rally को support किया।
2023
Nifty लगभग +0.52% बढ़ा। Samvat 2080 की शुरुआत investors के लिए सकारात्मक रही और market breadth मज़बूत दिखी।
2024
Nifty करीब +0.41% की बढ़त के साथ बंद हुआ। एक बार फिर दिवाली के मौके पर बाजार ने हरे निशान में close किया।
क्या Muhurat Trading पूरे वर्ष का संकेत देती है?
यह प्रश्न अक्सर पूछा जाता है कि क्या इस एक घंटे का प्रदर्शन पूरे साल का रुझान दिखाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि Muhurat Trading का असर मुख्यतः भावनात्मक और सांकेतिक होता है।
- यह निवेशकों के आत्मविश्वास और सकारात्मक भावना को दर्शाता है।
- लंबी अवधि में बाज़ार पर असली असर आर्थिक नीतियों, ब्याज दरों और वैश्विक परिस्थितियों का होता है।
मानवीय दृष्टिकोण
कई परिवार इस दिन बच्चों के नाम पर शेयर खरीदते हैं और उसे वर्षों तक बेचते नहीं। यह केवल वित्तीय निवेश नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक विश्वास भी है। इस परंपरा से यह साबित होता है कि भारतीय समाज में धन और संस्कृति कितनी गहराई से जुड़ी हुई है।
निष्कर्ष
Muhurat Trading 2025 केवल एक घंटे का ट्रेडिंग सत्र नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक परंपरा और निवेशकों के विश्वास का प्रतीक है। पिछले पाँच वर्षों में Sensex लगातार सकारात्मक बंद हुआ है, जो निवेशकों की सकारात्मकता को दर्शाता है। हालांकि, इसे केवल शुभ शुरुआत मानना चाहिए और असली निवेश निर्णय लंबे समय की रणनीति और अनुसंधान पर आधारित होने चाहिए।
Disclaimer: यह लेख केवल जानकारी और शैक्षिक उद्देश्य के लिए है। इसमें दी गई जानकारी सार्वजनिक स्रोतों और एक्सचेंज घोषणाओं पर आधारित है। यह किसी भी प्रकार की वित्तीय सलाह नहीं है। निवेश करने से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श अवश्य करें।
See More Details
Also Read This:
Tata Capital IPO: अक्टूबर में आ रहा है ₹17,200 करोड़ का Mega Issue

2 thoughts on “Muhurat Trading 2025: दिवाली पर विशेष ट्रेडिंग और पिछले पाँच वर्षों का प्रदर्शन”