Representational image | Shutterstock
Gold Rallies: Gold Rallies Near Record on Fed Rate-Cut Bets
Gold Rallies की शुरुआत शानदार रही: सोने की कीमत सोमवार को $3,583.41 प्रति औंस तक पहुंची, जो शुक्रवार के सभी समय के उच्चतम स्तर $3,599.89 के बेहद करीब था। विशेष रूप से, इसे $3,600/oz के पार जाते देखने की उम्मीदें तेज हो रही हैं। दिसंबर 2025 की U.S. गॉल्ड फ्यूचर्स में हल्की गिरावट आई, लेकिन भावनाएँ मजबूत बनी रहीं।
1. Fed Rate-Cut और Global Tailwinds
Fed Rate-Cut Bets का प्रभाव
अमेरिका में अगस्त महीने के कमजोर employment data के कारण, Federal Reserve की ओर से interest rate में कटौती की उम्मीदें बढ़ गई हैं। CME FedWatch टूल के अनुसार, सितंबर में 25-basis-point कटौती की संभावना लगभग पक्की है, और 50-bps की कटौती की भी संभावना बाकी है।
Other Tailwinds
– Interest rates में कमी सोने जैसे non-yielding asset की लागत को घटाती है।
– U.S. डॉलर की कमजोरी के कारण सोना अन्य मुद्राओं में सस्ता हो जाता है।
– चीन ने 10 महीने तक लगातार केंद्रिय बैंक के रूप में सोना खरीदा।
– साल 2025 में सोना करीब 37% तक चढ़ चुका है, जबकि 2024 में यह वृद्धि 27% थी।
2. Market Outlook: $3,700–$4,000 तक संभावित
Gold Rallies की राह आगे भी जारी दिख रही है। Analysts का अनुमान है कि कीमतें $3,700–$3,730 तक जा सकती हैं। कुछ विशेषज्ञ $4,000 तक का लक्ष्य भी दे रहे हैं। FT ने सूचना दी है कि वैश्विक inflation और geopolitical instability ने भी सोने की अपील बढ़ाई है।
3. Indian Context: घरेलू Gold Demand पर असर
भारतीय बाजार में अधिकतम भाव
भारत में सोने की घरेलू कीमत सोमवार को ₹1,08,060 प्रति 10 ग्राम तक पहुंची, जो अब तक का record high है। Technical indicators जैसे RSI और EMA/MACD bullish संकेत दे रहे हैं।
साहसिक मंदी और Demand का प्रभाव
गुजरात में सोना ₹1.12 लाख प्रति 10 ग्राम तक पहुंचा है, लेकिन festive demand धीमा पड़ा है। उपभोक्ता खरीद में देरी या निराशा दिखाई दे रही है।
दृष्टिकोण: अगले कदम
Analysts का अनुमान है कि घरेलू बाजार में सोने की कीमतें ₹1.09 लाख प्रति 10 ग्राम तक और बढ़ सकती हैं।
4. Long-term Value: Investment और Safety
World Gold Council के अनुसार, भारत में 2025 में सोने की खपत पिछले पांच वर्षों के सबसे निचले स्तर पर जा सकती है। हालांकि physical jewellery की मांग कमजोर हुई है, लेकिन investment के रूप में सोना—जैसे Sovereign Gold Bonds (SGBs) या ETFs—लोकप्रिय हो रहे हैं।
निष्कर्ष
Gold Rallies headline पूरी तरह उपयुक्त है: Fed rate-cut की उम्मीदों, डॉलर की कमजोरी, और केंद्रीय बैंक की खरीदारी ने सोने को नई ऊँचाइयों पर पहुंचाया है। भारत में उच्च domestic prices, technical momentum, और निवेशकों की “buy on dips” रणनीति इसे और compelling बना रही है। Long-term में physical demand में गिरावट के बावजूद, सोना safe-haven asset के रूप में अपनी चमक बनाए रखेगा।
Sources:
– Reuters
– Economic Times
– Financial Times
– World Gold Council
